
मुंशी परेमचनद की गिनती हिनदी के सरवशरेषठ कहानी-लेखकों में की जाती है । 1880 में उनका जनम वाराणसी के एक छोटे से गांव लमही में एक साधारण परिवार में हुआ था। उनका घर का नाम धनपतराय था। सकूल में अधयापन का कारय करते हुए उनहोंने कहानियां और उपनयास लिखने शुरू किये। उनहोंने सैकडों कहानियों और एक दरजन के लगभग उपनयास लिखे जिनमें से गोदान, गबन, सेवासदन, रंगभूमि, कायाकलप और निरमला बहुत
Title | : | Jungle Ki Kahaniyan (Children Classics by Premchand) |
Author | : | Premchand |
Language | : | en |
Rating | : | |
Type | : | PDF, ePub, Kindle |
Uploaded | : | Apr 11, 2021 |
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